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Various Type of Shivling and Pujan Vidhi

शिवलिंग के विभिन्न प्रकार, और पूजन विधि.: 

भगवान शिव की पूजा का शास्त्रों में श्रेष्ठतम स्थान है। सभी देवों में इनका स्वरूप एवं इनकी पूजा सबसे सरल बताई गई है। बस एक लोटा शुद्ध जल और इनके निमित्त मंत्रों के जप से भगवान शिव भक्तों की मनोकामना पूर्ण कर देते हैं। इन देवाधिदेव की पूजा के कई और भी तरीके हैं, पर तंत्रशास्त्र में विभिन्न पदार्थों के बने शिवलिंग कामना पूर्ति के लिए विशेष सहायक माने जाते हैं। अलग-अलग धातुओं, सामग्रीयों व अन्य चीजों से बने शिवलिंग की पूजा से भक्तों की सारी कामनाएं पूरी होती हैं। 

कस्तूरी और चंदन से निर्मित शिवलिंग शिव कृपा देता है। फूलों से बनाया गया शिवलिंग भू-संपत्ति देता है। जौ, गेहूं और चावल से बने शिवलिंग की पूजा करने से स्वास्थ्य और संतान लाभ मिलता है। मिश्री से बने शिवलिंग की पूजा रोग से छुटकारा देती है। सोंठ, मिर्च, पीपल के चूर्ण में नमक मिलाकर जो शिवलिंग बनाया जाता है, उसका प्रयोग वशीकरण आदि अभिचार में किया जाता है। भीगे तिल को पीसकर बनाया गया शिवलिंग अभिलाषा पूर्ति करता है। जबकि यज्ञकुंड से ली गई भस्म से जो शिवलिंग बनता है, उसका पूजन अभीष्ट देने वाला होता है। किसी की प्रीति बढ़ाने के लिए गुड़ की डली से बना शिवलिंग का पूजन लाभप्रद माना जाता है। बांस के अंकुर को शिवलिंग के समान काटकर पूजा करने से वंश-वृद्धि होती है। दही को कपड़े में बांधकर निचोड़ देने के पश्चात उससे जो शिवलिंग बनता है, उसका विधिवत पूजन लक्ष्मी और सुख देने वाला माना जाता है। 

गुड़ में अन्न चिपकाकर शिवलिंग बनाकर पूजा करने से कृषि उत्पादन अधिक होता है। किसी भी फल को शिवलिंग के समान रखकर उसकी पूजा करने से फलवाटिका में अधिक फल आते हैं। आंवले को पीसकर बनाया गया शिवलिंग मुक्ति प्रदाता माना जाता है। 

इसी प्रकार नवनीत अथवा वृक्षों के पत्तों को पीसकर बनाए गए शिवलिंग की पूजा करने से स्त्री के लिए सौभाग्य का आगमन होता है। दूर्वा को शिवलिंग के रूप में गूंथकर उसकी पूजा करने से भक्तों को अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। कपूर से बने शिवलिंग भक्ति और मुक्ति देता है। लोहे के शिवलिंग सिद्धि प्रदान करते हैं और मोती से बने शिवलिंग पूजन करने से स्त्री की भाग्यवृद्धि होती है। 

अगर शिवलिंग सोने का बना हो और उसकी पूजा की जाए, तो घर में समृद्धि आती है। इसी प्रकार चांदी के शिवलिंग से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। यदि भक्त पीतल के शिवलिंग की पूजा करे, तो दरिद्रता का निवारण हो जाता है। 

वही लहसुनिया के शिवलिंग की पूजा से शत्रुओं का नाश होता है और विजयी बनाते हैं। अगर भक्त स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करें या अन्य रत्नों से बने शिवलिंग की पूजा करें, तो भक्तों के अभीष्ट की सिद्धि होती है। पारद से बने शिवलिंग की शास्त्रों में बहुत प्रशंसा की गई है। इसे ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसका पूजन सर्व कार्यप्रद, मोक्षप्रद, शिवस्वरूप बनाने वाला है। यह समस्त पापों का नाश करके जीवों को संसार के संपूर्ण सुख एवं मोक्ष देता है।

2 comments:

  1. sb theek krne k liye,ghar mei paisa ane k liye,sukh shanti,bimari ko dur krne k liye kya kre?

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  2. हाँ जी आप पारद शिवलिंग की स्थापना करें यह सात पीढीयों तक को खुशीयाँ देने वाला है। हर प्रकार की समस्या दुर करने वाला हैं। ओरिजल पारद शिवलिंग के उपर यदि सोना रख दिया जाये तो 15 सेकेंड मे खा जाता हैं। यह सोना वापस नहीं मिलेगा। ना ही शिवलिंग का वजन एक रत्ती बढेगा। यही ओरिजल पारद शिवलिंग की पहचान हैं। बाकी सब उपाय तुच्छ ही हैं।

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