नवरात्रि में घट स्थापना का समय

इस बार नवरात्रि मे घट स्थापना सुबह 8.05 बजे...

अप्सरा और यक्षिणी वशीकरण कवच

इस कवच के जप से समस्त प्रकार की सिद्धियाँ देने वाली यक्षिणी साधक के नियंत्रण मे...

Urvashi Apsara Sadhana

इस प्रकार की साधना जीवन में करना साधक का सौभाग्य ही होता हैं इसलिए प्रयास करके इस प्रकार की साधना जीवन मे जरुर करनी चाहिए क्योंकि....

Tilottama Apsara Sadhana Procudure

तिलोत्तमा अप्सरा की गिनती भी श्रेष्ठ अप्सराओं मे होती हैं। यह अप्सरा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनो ही रुप मे साधक की सहायता करती रहती हैं ....

Celestial Nymph Rambha Apsara (रम्भा अप्सरा साधना)

रम्भा अप्सरा साधना की सिद्धि प्राप्त करने पर, रम्भा उसके जीवन में हर कदम पर एक छाया के रूप में और साक्षात रुप मे ....

Menka Rambha with Urvashi Apsara Sadahna

इस साधना को समपन्न करने पर आठ अप्सराएँ एक साथ दर्शन देती हैं इस प्रकार की साधना जगत मे बहुत साधनाएँ...

Rambha Apsara Sadahna

Urvashi is considered one of the best in the Nymphs. Rambha is also an amazing, talented and skilled dancer but...

2015 के पंचांग अनुसार शारदीय पर्व की तिथियों का विवरण

तिथि
पंचांग स्थिति
13 अक्टूबर 2015
शारदीय नवरात्रारम्भ। कलश स्थापन।
14 अक्टूबर 2015
चन्द्र दर्शन मु.15 महर्घ। 1 तिथि वृद्धि।
15 अक्टूबर 2015
बुध हस्त नक्षत्र में 24.40 बजे।
17 अक्टूबर 2015
श्रीगणेश चतुर्थी व्रत। सूर्य की तुला संक्रान्ति 24.18 बजे। शुक्र पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में 11.06 बजे।
18 अक्टूबर 2015
पंचमी व्रत। ललिता पंचमी।
19 अक्टूबर 2015
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाहन।
20 अक्टूबर 2015
भद्रकाली अवतार। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन।
21 अक्टूबर 2015
श्री दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। बुधाष्टमी पर्व। अष्टमी का हवनादि आज ही करें।
22 अक्टूबर 2015
श्री दुर्गानवमी व्रत। श्री महानवमी। नवमी का हवनादि आज ही करें। श्री विजया दशमी। विजय मुहूर्त 13.54 बजे से 14.37 बजे तक ।
24 अक्टूबर 2015
पापांकुशा एकादशी व्रत। 12 तिथि क्षय। 3 सूर्य स्वाती नक्षत्र में 17.15 बजे। मोहर्रम (ताजिया) ।
25 अक्टूबर 2015
प्रदोष व्रत। बुध चित्रा नक्षत्र में 20.21 बजे।
26 अक्टूबर 2015
शरद पूर्णिमा। व्रत की पूर्णिमा। रात्रि में लक्ष्मी कुबेरादि पूजा।
27 अक्टूबर 2015
पुण्यदायिनी आश्विनी पूर्णिमा, परम पुण्यकाल सूर्योदय से सूर्यास्त तक। महर्षि बाल्मीकि जयन्ती।
28 अक्टूबर 2015
कार्तिक मास कृष्ण पक्षारम्भ। कार्तिक मास में दाल का त्याग करना चाहिए। तुलसी दल से श्री विष्णु पूजा।
29 अक्टूबर 2015
बुध तुला राशि में 22.45 बजे।
30 अक्टूबर 2015
करवा चौथ। संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत। चन्द्रोदय 20.03 बजे। शुक्र उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में 26.33 बजे।
31 अक्टूबर 2015
बुध अस्त पूर्व में 17.37 बजे। 5 तिथि क्षय।
2 नवंबर 2015
बुध स्वाती नक्षत्र में 23.25 बजे।
3 नवंबर 2015
अहोई अष्टमी व्रत (सायं कालीन अष्टमी में)। मंगल कन्या राशि में 08.10 बजे। शुक्र कन्या राशि में 07.33 बजे।
6 नवंबर 2015
सूर्य विशाखा नक्षत्र में 25.27 बजे।
7 नवंबर 2015
रम्भा एकादशी व्रत।
9 नवंबर 2015
धनत्रयोदशी। धनतेरस। यम पंचकारम्भ। निशा मुख में यम के लिए घर से बाहर दीपदान।
10 नवंबर 2015
नरक चतुर्दशी व्रत। रुप चतुर्दशी। सायँ प्रदोष वेला में देवालयों में दीपदान तत्पश्चात् घर में दीपदान करना चाहिए। बुध विशाखा नक्षत्र में 26.13 बजे।
11 नवंबर 2015
दीपावली । स्नान-दान- श्राद्धादि की अमावस्या। प्रदोष काल में लक्ष्मीन्द्र- कुबेरादि पूजा (प्रदोष काल 17.10 बजे से 19.46 बजे तक)। महानिशा काल में महालक्ष्मी पूजा। महाकाली पूजा। महानिशा काल 23.14 बजे से 24.06 बजे तक । शेष रात्रि में दरिद्र नि:स्सारण।
12 नवंबर 2015
शुक्र हस्त नक्षत्र में 14.58 बजे। शनि अस्त पश्चिम में 11.58 बजे।
13 नवंबर 2015
भ्रातृ द्वितीया। यम द्वितीया। यम पूजा दीप दानादि। यमुनास्नान। भैया दूज। भगिनी गृह में भोजन। चन्द्र दर्शनमु.15 महर्घ।
14 नवंबर 2015
बाल दिवस।
15 नवंबर 2015
श्रीगणेश चतुर्थी व्रत।
16 नवंबर 2015
सौभाग्य पंचमी व्रत। चन्द्र दर्शनमु. 45 समर्घ। संक्रान्ति का पुण्य काल अगले दिन।
17 नवंबर 2015
सूर्य षष्ठी व्रत (डाला छठ)। सायंकाल प्रथमार्घ्‍य दान। मार्गशीर्ष मासारम्भ। बुध वृश्चिक राशि में 07.32 बजे।
18 नवंबर 2015
सूर्य षष्ठी व्रत का पारण।
19 नवंबर 2015
मंगल हस्त नक्षत्र में 22.31 बजे। बुध अनुराधा नक्षत्र में 09.56 बजे।
20 नवंबर 2015
सूर्य अनुराधा नक्षत्र में 07.25 बजे।
22 नवंबर 2015
देवोत्थानी एकादशी। प्रबोधिनी एकादशी व्रत । तुलसी विवाहरम्भ। भीष्म पंचकारम्भ। तुलसी विवाहोत्सव। दाल दान।
24 नवंबर 2015
नर्मदेश्वर शिवलिंग को तुलसी पत्र समर्पण। शुक्र चित्रा नक्षत्र में 12.40 बजे।
25 नवंबर 2015
श्री गुरु नानक जयन्ती। भीष्म पंचक समाप्त। कार्तिक मासीय व्रत-यम-नियमादि समाप्त। त्रिपुरा पूर्णिमा। श्री विद्या महामाया राज-राजेश्वरी त्रिपुर सुन्दरी पूर्णिमा15 तिथि क्षय।
26 नवंबर 2015
मार्गशीर्ष मास कृष्ण पक्षारम्भ।
27 नवंबर 2015
बुध ज्येष्ठा नक्षत्र में 21.53 बजे। केतु पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में 27.59 बजे।
28 नवंबर 2015
सौभाग्य सुन्दरी व्रत। गुरू उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में 20.47 बजे।
29 नवंबर 2015
श्री गणेश चतुर्थी व्रत। चन्द्रोदय 20.36 बजे।
30 नवंबर 2015
शुक्र तुला राशि में 07.49 बजे।
2 दिसंबर 2015
चेहल्लुम।
3 दिसंबर 2015
कालाष्टमी। श्री महाकाल भैरवाष्टमी। श्री महाकाल भैरव जयन्ती। भैरव जयन्ती। प्रथमाष्टमी (उड़ीसा)। सूर्य ज्येष्ठा नक्षत्र में 11.48 बजे।
5 दिसंबर 2015
शुक्र स्वाती नक्षत्र में 25.03 बजे।
6 दिसंबर 2015
बुध मूल नक्षत्र धनु राशि में 12.03 बजे। 10 तिथि वृद्धि।
7 दिसंबर 2015
उत्पन्ना एकादशी व्रत।
8 दिसंबर 2015
भौम प्रदोष व्रत (ऋणापकरण के लिए श्रेष्ठ है)।
9 दिसंबर 2015
मास शिवरात्रि व्रत।
11 दिसंबर 2015
स्नान-दान-श्राद्धादि की अमावस्या। कमला जयन्ती।
12 दिसंबर 2015
चन्द्र दर्शन मु. 30 साम्यर्घ। मार्ग शीर्ष मास शुक्ल पक्षारम्भ। मंगल चित्रा नक्षत्र में 14.24 बजे।
13 दिसंबर 2015
बुध उदय पश्चिम में 12.42 बजे।
14 दिसंबर 2015
बुध पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में 28.20 बजे। शनि उदय पूर्व में 21.32 बजे।
15 दिसंबर 2015
श्री गणेश चतुर्थी व्रत। भौम अंगार की पर्व।
16 दिसंबर 2015
नागपंचमी व्रत। सूर्य की धनु संक्रान्ति एवं सूर्य मूल नक्षत्र में 14.44 बजे। चन्द्र दर्शन मुहुर्त 30 साम्यर्घ। संक्रान्ति का सामान्य पुण्यकाल 08.20 बजे से संक्रान्ति काल तक  तत्पश्चात् विशेष पुण्यकाल संक्रान्ति काल से सूर्यास्त तक।
17 दिसंबर 2015
शुक्र विशाखा नक्षत्र में 07.17 बजे।
19 दिसंबर 2015
9 तिथि क्षय।
21 दिसंबर 2015
मोक्षदा एकादशी व्रत । वैकुण्ठ एकादशी।
22 दिसंबर 2015
सूर्य मकर राशि में 10.18 बजे। सूर्य सायन उत्तरायण। दैत्यों का मध्यान्ह देवताओं की मध्यरात्रि।
23 दिसंबर 2015
मंगल तुला राशि में 30.00 पर।
24 दिसंबर 2015
पिशाच मोचन चतुर्दशी। काशी में पिशाच मोचन पर पार्वण श्राद्ध करने से पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है। ईद-ए-मिलाद (बारावफात)। बुध उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में 09.03 पर।
25 दिसंबर 2015
स्नान-दान व्रतादि की मृगशिरा नक्षत्रयुता परम पुण्यदायिनी पूर्णिमा परम पुण्यकाल सूर्योदय से 12.15 तक। दत्तात्रेयजयन्ती। गुरु ग्रन्थ साहब का वार्षिकोत्सव। क्रिसमसडे (बड़ा दिन) । शुक्र वृश्चिक राशि में 15.17 पर।
26 दिसंबर 2015
पौष मास कृष्ण पक्षारम्भ। बुध मकर राशि में 23.56 पर।
28 दिसंबर 2015
श्री गणेश चतुर्थी व्रत (चन्द्रोदय 20.13 बजे)। शुक्र अनुराधा नक्षत्र में 09.32 बजे। शनि ज्येष्ठा नक्षत्र में 15.00 बजे।
29 दिसंबर 2015
ईद-ए-मौलाद। सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में 17.02 बजे।

04 April 2015 Chandra Grahan (चन्द्र ग्रहण)

04 अप्रैल 2015 को चन्द्र ग्रहण हैं। ग्रहण के महत्तव से सभी भालि भांति परिचित हैं। 04 अप्रैल 2015 को होने वाला चन्द्र ग्रहण भारत में दृश्य होगा। इस ग्रहण के प्रारम्भ व समाप्ति काल दिल्ली में इस प्रकार होगा।

ग्रहण प्रारम्भ - दोपहर बाद - 03.45 बजे
ग्रहण समाप्त - सांय - 07.15 बजे

ग्रहण का सूतक - इस ग्रहण का सूतक दिनांक 4 अप्रैल 2015 को प्रातः 6:45 से ही प्रारम्भ हो जायेगा। सूतक प्रारम्भ हो जाने बाद (बच्चो वृद्ध व रोगियों को छोड़कर) धार्मिक जानो को भोजन आदि नहीं करना चाहिए। इस काल में देव प्रतिमा आदिओं का स्पर्श व्रजित हैं।

इस बार चन्द्रमा ग्रस्ति अवस्था में ही उदय होगा।
चन्द्र ग्रहण प्रारम्भ (चन्द्रोदय के साथ) - 18: 41: 09
चन्द्र ग्रहण समाप्त - 19: 15: 20

स्थानीय ग्रहण की अवधि - 34 मिनट 10 सेकेंड

उपच्छाया से पहला स्पर्श - 14:33:29 
प्रच्छाया से पहला स्पर्श - 15:47:38 
परमग्रास चन्द्र ग्रहण - 17:31:29 
प्रच्छाया से अंतिम स्पर्श - 19:15:20 
उपच्छाया से अंतिम स्पर्श - 20:29:29


खण्डग्रास की अवधि - 03 घंटे 27 मिनट 42 सेकेंड
उपच्छाया की अवधि - 05 घंटे 55 मिनट 59 सेकेंड

इस दौरान गर्भवती स्त्रीयों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। साथ ही यदि हो सकें तो अपने ईष्ट देव के मंत्रों को मन ही मन जपते रहना चाहिए। गर्भवती स्त्रीयों को विशेष पुजा पाठ नहीं करनी चाहिए। साधक गण जो मंत्रों को सिद्ध करने मे विशेष रुचि रखते है उन सभी को इस समय का उपयोग करना चाहिए। यदि मंत्रों को किसी भी प्रकार के जल में खडा होकर जपा जाए तो मंत्र निश्चित रुप से सिद्धि होते है। इस बाद दान आदि करना चाहिए। यदि आपका मंत्र सिद्ध भी ना हो तो भी साधना को लगातार करते रहने से हर प्रकार का मंत्र 20-22 दिन में सिद्ध हो जाता है। लेकिन साधना क्रम टुटना नही चाहिए।