Vastu Tips For Marriage Problem
विवाह का नाम लेते ही लडकी या लडके शर्माने या मुस्कुराने लगते है और बहुत से लोग घबराने लगते हैं। आप तो जानते ही हो कि शादी एक ऐसा लड्डू है जिसे खाने के लिए सबका मन ललायित रहता ही हैं। कई बार देखने मे आता हैं हम शादी का लड्डू खाना तो चाहते है लेकिन ग्रहों
के साथ-साथ वास्तुदोष के कारण विवाह में विलंब होता है और प्रेम में भी खटास रहती है। तो क्या करें? प्रकृति ने जो भी समस्या हमारे समाने रखी है हमे उसका सामना तो करना ही चाहिए। कई बार ऐसा देखा गया हैं कि विवाह और विवाह के बाद हमारे जीवन मे अनेको समस्या आती हैं। तो जब भी समस्या आये भागने की बजाय उसका सामना करना ही उचित और यह प्रकृति के नियमो के अनुसार हैं। आज के माहौल मे, विवाह लड्डू कम, समस्या ज्यादा बन गया है लेकिन इन समस्या को प्रेम से सुलझना ही अच्छा है। जहाँ तक बात है इन वास्तुदोषों की, कुंडली के दोषो की, तो इन्हे दूर करने पर प्रेम में पूर्ण सफलता और मनचाहे जीवनसाथी से विवाह हो सकता है। यहां कुछ ऐसे ही
उपाय दिए जा रहे हैं।
विवाह
योग्य कन्या का शयन कक्ष उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए ताकि उसके विवाह में
बाधा न आ सके।
प्रेम
विवाह के इच्छुक लोगों को भूलकर भी काले रंग का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि काला रंग क्रूर
ग्रहों का प्रतिनिधित्व करता है। शनि, राहु और केतु अकसर प्रेम विवाह में बाधक बनते
हैं या विवाह में विलंब कराते हैं। अत: काले रंग के कपड़े, चादर आदि का प्रयोग नहीं
करना चाहिए।
अगर
संबंधों में टकराव चल रहा हो, तो
उपहार में देने या बेडरूम में सजाने के लिए गुलाब के फूल के बजाए लिली या आर्किड
जैसे फूलों का प्रयोग करें।
विवाह
प्रस्तावों में बार-बार व्यवधान आ रहे हों, तो विवाह वार्ता के लिए घर आ रहे अतिथियों को
ड्राइंगरूम में इस प्रकार बैठाना चाहिए कि उनका मुख घर के अंदर की ओर ही रहे।
उन्हें द्वार न दिखाई पड़े।
विवाह
योग्य व्यक्तियों को सोते समय पैर उत्तर व सिर दक्षिण दिशा में रखना चाहिए।
विवाह
योग्य व्यक्तियों को ऐसे कक्ष में निवास करना चाहिए, जिसमें एक से अधिक दरवाजे हों।
अविवाहित
व्यक्तियों के कक्ष की दीवारों व दरवाजों का रंग गुलाबी, हल्का पीला सफेद या चमकीला
होना चाहिए।
विवाह के इच्छुक लोग बेडरूम
के दक्षिण-पश्चिम कोने में पियोनिया (लाल फूलों वाला एक पौधा) की पेंटिंग लगाएं।
Post a Comment