DIVYANGANA SWARNAPRABHA YAKSHINI SADHANA


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Divyangana Swarnaprabha Yakshini is also very famous among all Yakshini. It is s Sabar Mantra for Divyangana. Sabar Mantra are more strong than Vedic Mantra because Shiva self resides in Sabar Mantra.


Divyangana Apsara Sadhana






The things you needed to perform this Sadhana are as below:
A piece of wood (चोकी)
A pot of water made of copper. (जल पात्र)
Kumkum (कुमकुम)
Pure saffron (केसर)
Unbroken Piece of Rice (बासमती चावल)
Yellow Mat as a Seat (पीला आसन)
Yellow Cloths (पीली धोती आदि)
A plate made of steel (सटील की थाली)
Oil lamp (तेल का दीपक)
Incense Sticks (अगरबत्ती)
Rose flowers (गुलाब के दो फूल)
Garland made of any flower (पुष्प माला)
Pure raw milk (कच्चा दुध)
Scent of rose (गुलाब का इत्र)
Some sweet made of milk (दुध की बनी मिठाईयाँ)
Creamy Pure Hakik Mala (मंत्र से प्राणयुक्त हकीक माला)
DivyaAngana SwarnPrabha Yakshini Yantra (मंत्र सिद्ध)



ॐ ऐं श्रीं ह्रीं दिव्यांगना आगच्छ सिद्धिं देहि देहि फट


Laxmi Sadhana or Mahalaxmi Sadhana



Making money is never easy but if you had blessed of god then it could be easier to get. Well, if you have money everything is yours otherwise nothing. In this world money play amazing role and In God’s World “RAM NAAM” is everything. If you have nothing from these you seem like a fool. We have seen many times that we are tried to earn money but we had failed to earn money as much we desired. Here I’m writing good solutions for this situation, You should try it out. I defiantly sure you shall get money easily with this wonderful solution. It is not difficult to earn money however it may difficult to manage sometimes. This Upaaya works for shop and home also.

You should start this solution in increasing auspicious moon or in a good Mahurat like Amrit Siddhi Yoga. We have required some objects to perform this process. The objects are Three Hakik Stone, Four Gomati Chakras, One Moti Sankh and a coin of copper. Take a piece of new white cloth, place all objects on it and make a knot on it. Chant "OM SHREEM HREEM SHREEM MAHALAXMIYE NAMH" Mantra while doing this process but chant it mentally. The mentally chanting is required when we do such a process. Or you may simply do the Dhyan of Goddess Mahalaxmi. After this do the Dhyan of Lord Vishnu. The process is over now. You should do worship of this knot daily with the help of fumes of Agarbaati.

You have to put this knot in to river or a pond whenever the festival Deepawali will come. Simply repeat the whole process once again on Deepawali. If you have some White Gunjas, include these Gunjas in this process. White Gunjas and Sankhs are favorite objects of Goddess Mahalaxmi. Sankh is also known as a brother of Mahalaxmi because they both reside in the water. Pearl Shell and White Gunjas are very dear to mother. If you love more wealth you must do worship of the shell.

This experiment is very good for the money. Take a white cloth laying on a piece of wood. Now place a Pearl Shell on it. Make a Swastika on shell with the help of pure saffron. Chant one round of above written mantra with the help of Sapatik rosary. But this rosary must be purified by a Pandit. Take a grain of rice in left hand while chanting mantra and after compete a Mantra you must put this piece of rice in to shell. Repeat this during all the chanting. What I mean to say 108 grain of rice should be followed by each mantra. Remember do not take broken rice during worship. After completing this task, you should keep all grain of rice in to a white bag. It is good if you do this process on Wednesday or on other auspicious time. Repeat the same process till eleventh day. On eleventh day, keep the shell in to white bag with rice. After the whole process this bag should be placed in to safe/vault.

जीवन मे पैसा हैं तो सब कुछ हैं वरना कुछ भी नहीं। “इस संसार मे पैसा बडे काम का हैं और उस संसार मे राम नाम”। अगर दोनो ना कमाये जाये तो बडी बेकदरी हो जाती हैं। जीवन मे ऐसा बहुत बार होता है कि हम मेहनत तो बहुत करते है परंतु पैसा और सिद्धिया नहीं मिल पा रही होती। इस पोस्ट मै तो केवल पैसा कमाने के उपाय ही लिख रहा हुं। इन उपाय से दुकान और घर मे बरकत होगी, जरा आज़मा कर तो देखिये।

बढते चांद यानि शुक्ल पक्ष मे किसी शुक्रवार या शुभ मुहुर्त से यह प्रयोग करें। तीन हकीक पत्थर, चार गोमती चक्र, एक मोती शंख और एक तांबे का सिक्का लेकर सभी को लाल कपडे मे बांधकर अपनी दुकान या घर पर स्थापित करें। जब भी हम कोई प्रयोग करते है तब उस से सम्बन्धित देवता-देवी का ध्यान करते रहते हैं। यह प्रयोग श्री लक्ष्मी देवी का हैं। इसलिए माँ लक्ष्मी का ध्यान (या मन ही मन “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:” मंत्र का जप) करते रहें। श्री विष्णु जी का भी अंत मे ध्यान करें। बस हो गया। अब रोज़ सुबह-शाम कोई भी व्यकिति धूपबत्ती-अगरबती जरुर करता रहें। दीपावली के दिन इस कपडे को सामन सहित किसी नदी तालाब मे विसर्जित कर दे और नई पोटली फिर से बना ले। यदि दीपावली को इसमे सफेद गुंजा भी डाल ली जाये तो मज़ा आ जायेगा। माँ को मोती शंख और श्वेत गुंजा बहुत प्रिय हैं। माँ लक्ष्मी और शंख दोनो ही समुंद्र से निकले हैं इस कारण दोनो मे बहुत प्रेम हैं। यादि आपको धन से बहुत प्रेम हैं तो शंख का पुजन अवश्य करें।

यह प्रयोग भी धन के लिए बहुत अच्छा हैं। एक बाजोट पर सफेद कपडा बिछाकर मोती शंख स्थापित करें। शंख पर शुद्ध केसर से स्वस्तिक बनाये। स्फटिक की माला (पंडित से पहले शुद्ध कराई) लेकर उपरोक्त मंत्र का जाप करें। हर एक मंत्र के साथ बासमती चावल का एक दान शंख मे डालते जाये। बस 108 बार मंत्र जप ही काफी हैं। प्रयोग बुधवार या अमृतसिद्धि योग मे सुबह से शुरु करें। ऐसा ग्यारह दिन तक करें। पुजा का समय ना बदले तो ज्यादा अच्छा रहेगा। रोज़ प्रयोग के बाद सभी चावल को स्फेद कपडे की थैली मे रख दे। अंत मे (ग्यारहवे दिन) शंख को भी उसी थैली मे डालकर तिजोरी मे स्थापित करें।

Celestial Nymph Rambha Apsara (रम्भा अप्सरा साधना)




रम्भा अप्सरा साधना करना जीवन मे अपने आप मे सौभाग्य हैं इस साधना से जीवन मे हर प्रकार की खुशी आती है। भौतिकवादी दुनिया मे पूर्ण सफलता प्राप्त सकता है, और वह मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत हो जाता है। रम्भा अप्सरा साधना की सिद्धि प्राप्त करने पर, रम्भा उसके जीवन में हर कदम पर एक छाया के रूप में और साक्षात रुप मे साधक के साथ रहती हैं और वह उसके जीवन में हर इच्छा को पूरा करने में मदद करती है। साधक मे किसी को भी सम्मोहित और आकर्षित करने की शक्ति आ जाती हैं। बुढ़ापा नाम की चीज जीवन मे कभी नही आती और जीवन से बीमारियों के अंत हो जाता हैं। साधक का जीवन प्यार और खुशी भर जाता है। सुनने मे अजीब सा लगता हैं परंतु अप्सरा साधना के यही लाभ होते हैं।